
महराजगंज: निर्माणाधीन नाला ढहने से भ्रष्टाचार उजागर, ग्राम प्रधान और अधिकारियों की भूमिका पर उठ रहे सवाल
- By UP Samachaar Plus --
- Monday 30 Sep, 2024
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महराजगंज, 30 सितंबर। जनपद के मिठौरा विकास खंड के ग्राम पतरेंगवा में हाल ही में भ्रष्टाचार की एक बड़ी घटना सामने आई है। गांव में बन रहे निर्माणाधीन नाले की दीवार ढह जाने से न केवल घटिया निर्माण की पोल खुल गई है, बल्कि इसमें शामिल अधिकारियों और ग्राम प्रधान की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
यह नाला प्राइमरी स्कूल के सामने से गुजरता है और इसका निर्माण कई दिनों से चल रहा था। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य में बेहद घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। दीवार बनाने में दोयम दर्जे की ईंटों और घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल हुआ, जिसके कारण तीन दिनों की बारिश भी यह नाला नहीं झेल पाया और शनिवार को पुलिया के पास बनी दीवार ध्वस्त हो गई।
बारिश के बाद इस दीवार का गिरना यह साफ दिखाता है कि नाले के निर्माण में घोर लापरवाही बरती गई और मानकों की अनदेखी की गई। सवाल उठता है कि जब दीवार कुछ दिनों की बारिश नहीं सहन कर सकी, तो आने वाले समय में यह नाला कितनी मजबूती से टिकेगा?
ग्राम प्रधान और अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में
घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों का मानना है कि नाले के निर्माण में ग्राम प्रधान, जेई (जूनियर इंजीनियर) और सचिव की मिलीभगत है, जो निर्माण कार्य में लापरवाही बरत रहे हैं। उनकी जिम्मेदारी के बावजूद इस तरह की अनियमितताएं सामने आ रही हैं, जिससे इनकी भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
गांव के लोगों का कहना है कि नाले की दीवार ढहने के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। दीवार के ढहने के बाद कार्य रोक दिया गया, लेकिन बिना किसी जांच-पड़ताल के पुनः उसी दीवार को फिर से बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।
जांच की मांग, पर निष्पक्षता पर सवाल
ग्रामीणों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि इस भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो सके। लेकिन गांव वालों को आशंका है कि ग्राम प्रधान और ब्लॉक के कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते यह जांच कभी पूरी ईमानदारी से नहीं हो पाएगी। सवाल यह भी है कि खंड विकास अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेंगे या फिर भ्रष्टाचार का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।
क्या भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम ?
यह मामला भ्रष्टाचार और लापरवाही की एक बड़ी मिसाल बन गया है, जिसने सरकार की नीतियों और ग्राम स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब देखना यह है कि इस घटना के बाद क्या कोई सख्त कदम उठाए जाते हैं या फिर यह मामला अन्य भ्रष्टाचार के मामलों की तरह समय के साथ दबा दिया जाएगा।
अंततः, इस भ्रष्टाचार के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और क्या ग्राम प्रधान व संबंधित अधिकारियों पर कोई सख्त कदम उठाए जाते हैं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।